नोएडा जैसे आधुनिक शहर में मजदूरों की जिंदगी की यह तस्वीर आपको सोचने पर मजबूर कर देगी। इस ग्राउंड रिपोर्ट में हम आपको एक ऐसे इलाके में लेकर चलते हैं जहां 24 मजदूर परिवार रहते हैं, लेकिन उनके लिए सिर्फ 4 शौचालय हैं। <br /> <br />सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यहां महिलाओं के लिए नहाने की कोई अलग व्यवस्था नहीं है। उन्हें खुले में, पूरे कपड़ों में नहाना पड़ता है और फिर अपने कमरों में जाकर कपड़े बदलने पड़ते हैं। <br /> <br />कमाई 10-12 हजार रुपये के बीच, किराया 3000-3500 रुपये और ऊपर से गैस की किल्लत—जब LPG महंगी या उपलब्ध नहीं होती, तो ये परिवार लकड़ी, उपले और गन्ने की खोई से चूल्हा जलाकर खाना बनाने को मजबूर हैं। <br /> <br />जब उनसे पूछा गया कि वे अपने गांव क्यों नहीं लौट जाते, तो उनका जवाब था—वहां रोजगार नहीं है। यही मजबूरी उन्हें इन हालात में भी शहर में टिके रहने पर मजबूर करती है। <br /> <br />देखिए OneIndia Hindi की यह एक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट, जिसमें मजदूरों की असली जिंदगी कैमरे में कैद है। <br /> <br />#Noida #GroundReport #Mazdoor #LabourLife #RealityCheck<br /><br />~PR.548~ED.520~GR.122~HT.96~
